Environment
कपड़े से बनी थैली

कपड़े से बनी थैली

ग्लोबल वॉर्मिग के इस दौर में मनुष्य को श्वास लेने में भी कई कठिनाइयाँ से गुजरना पड़ता है।  भारत में पिछले कुछ वर्षो में यह गंभीर रूप में उभरकर सामने  आई है।  भारत के कई शहरों की हवा में विष की मात्र बढ़ गई है जिसे कई प्रकार की स्वस्थ्य को लेकर समस्या देखने मिलती है।  औद्योगिक कचरे से निकलने वाले वायु ने पर्यावरण को ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहोंचा रहा है।  भारत में आज प्लास्टिक से बनी कई चीजें सस्ते दामों में मिलाने की वज़ह से प्लास्टिक निकाल करने की समस्या खड़ी हुई है।  प्लास्टिक जमीन में सड़ता नहीं है इस वजह से खेती एवं ज़मीन दूषित होती है।  मानव सेवा ने रेमन्ड शॉ रूम, अहमदाबाद से मिलकर कपड़े से बनी थैली बनाने की सोची ताकि सब्ज्जी वाले प्लास्टिक की थैली में सामग्री न दे। सानंद एवं लाल दरवाज़े पर इस कपड़े की थैली का मुफ्त में वितरण किया गया ताली प्लास्टिक की थैली का उपयोग बांध हो।  सानंद में नगरपालिका से मिलकर सब्ज्जी मंडी में सभी सब्ज्जी ख़रीद ने आए ग्राहकों को कपड़े की थैली दी , पुरे तीन दिन यह कार्यक्रम चला ताकि सभी को आसानी से यह थैली मिले साथ ही यह भी समझाया गया की जब भी बाज़ार ख़रीदी करने आओ तो यह थैली जरूर लाना।  इस प्रकार कमसे काम सब्ज्जी मार्किट को प्लास्टिक मुक्त करने की कोषिश मानव सेवा की और से की गई। 

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